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मासिक “कायस्थ युवा मेला” प्रधान संपादक निलेश निगम द्वारा प्रकाशित की जाती है, जिसकी संपादिका श्रीमती मोनिका निगम हैं। पत्रिका सन् 2013 से इन्दौर (म.प्र.) से प्रकाशित की जा रही है और इसकी पाठक संख्या में निरंतर वृद्धि होती जा रही है ।

“कायस्थ युवा मेला” द्वारा सम्पूर्ण भारत में परिचय सम्मेलन कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पूरा कायस्थ समाज एक मंच पर आ सके। इसके लिये कायस्थ यूथ फेडरेशन , इन्दौर का बहुत बड़ा योगदान रहा है जो पत्रिका के साथ कार्य करते हुए अभी तक कई सम्मेलन करा चुका है। यह कार्य कुछ ही वर्षों में किया गया है, जिसके के लिए श्री मती मोनिका निगम को गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सम्मिलित किया गया हैं संस्था भविष्य में कई महानगरों में परिचय सम्मेलन करने की योजना पर काम कर रही है । पत्रिका की संपादिका श्रीमती मोनिका निगम, जो कायस्थ यूथ फैडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, अपनी कार्य शैली के दम पर इतनी जल्दी-जल्दी सम्मेलनों का आयोजन कराती हैं, जिसके परिणाम-स्वरूप  अभी तक समाज में हजारों संबंध हो चुके है ।

“कायस्थ युवा मेला” स्मारिका में बायोडाटा को तीन कैटेगरी में प्रकाशित किया जाता है, जिनका मूल्य 400, 600 अथवा 1000 रु रहता है । (जिसमें पत्रिका की एक प्रति सम्मिलित रहती है ) बायोडाटा का प्रारूप देखने के लिये आप मासिक पत्रिका का पेज नं २ एवं पेज नं ३ भी देख सकते है, जिसमें पूर्ण रूप से विवरण दिया रहता है ।

पत्रिका का उद्देश्य कायस्थ समाज में विवाह हेतु आ रही विकराल समस्या से लड़ना है और समाज जनों को एक ऐसा माध्यम देना है जिसके द्वारा घर बैठे ही सैकडों की संख्या में युवक-युवतियोें का विवरण रंगीन फोटो के साथ आप अपने निवास पर ही देख सके । यह चयन की प्रकिया का सबसे सरल एवं सस्ता माध्यम है । सम्मेलनों के द्वारा युवक -युवतियां अपना परिचय मंच के माध्यम से दे पाते है जिसके परिणाम-स्वरूप अभिभावकों का समय एवं पैसा बचता है और कम समय में अधिक लोगो से मिलने का मौका मिलता है ।

पत्रिका में आप विज्ञापन के माध्यम से भी अपना सहयोग दे सकते है एवं अपने व्यापार का प्रचार कर सकते हैं।

बायोडाटा, पत्रिका अथवा विज्ञापन तीनों के संबंध में आप श्रीमती मोनिका निगम (मो: 9713360410) से सीधे संवाद कर सकते हैं। वेबसाईट के माध्यम से आप बायोडाटा, पत्रिका अथवा विज्ञापन का भुगतान  कर सकते हैं । पत्रिका अभी तक लगभग संपूर्ण देश में कोरियर के माध्यम से समाज बंधुओं के घर पहुँचाई जा चुकी है।